मीराबाई के भजन
मीराबाई Updated: 15 April 2021 07:30 IST

मीराबाई के भजन : आज मोहिं लागे वृन्दावन नीको

मीराबाई के भजन

दूर नगरी बड़ी दूर नगरी-नगरी कैसे आऊं मैं तेरी गोकुल नगरी   पायो जी म्हे तो राम रतन धन पायो

आज मोहिं लागे वृन्दावन नीको॥

घर-घर तुलसी ठाकुर सेवा दरसन गोविन्द जी को॥१॥

निरमल नीर बहत जमुना में भोजन दूध दही को।
रतन सिंघासण आपु बिराजैं मुकुट धर।ह्‌यो तुलसी को॥२॥

कुंजन कुंजन फिरत राधिका सबद सुणत मुरली को।
मीरा के प्रभु गिरधर नागर भजन बिना नर फीको॥३॥
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