भजन
संकलित Updated: 15 April 2021 07:30 IST

भजन : गोविन्द जय-जय गोपाल जय-जय

भजन

रे मन-प्रति-स्वाँस पुकार यही   जग असार में सार रसना

गोविन्द जय-जय गोपाल जय-जय।
राधा-रमण हरि, गोविन्द जय-जय॥१॥
ब्रह्माकी जय-जय, विष्णूकी जय-जय।
उमा- पति शिव शंकरकी जय-जय॥२॥
राधाकी जय-जय, रुक्मिणिकी जय-जय।
मोर-मुकुट वंशीवारेकी जय-जय॥३॥
गंगाकी जय-जय, यमुनाकी जय-जय।
सरस्वती, तिरवेणीकी जय-जय॥४॥
रामकी जय-जय श्यामकी जय-जय।
दशरथ-कुँवर चारों भैयों की जय-जय॥५॥
कृष्णाकी जय-जय, लक्ष्मीकी जय-जय।
कृष्ण-बलदेव दोनों भइयोंकी जय-जय॥६॥

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