भजन
संकलित Updated: 15 April 2021 07:30 IST

भजन : प्रभु को बिसार

भजन

हर सांस में हर बोल में   पितु मातु सहायक स्वामी

प्रभु को बिसार किसकी आराधना करूं मैं .
पा कल्पतरु किसीसे क्या याचना करूं मैं ..
मोती मिला मुझे जब मानस के मानसर में .
कंकड़ बटोरने की क्यों चाहना करूं मैं ..
मुझको प्रकाश प्रतिपल आनंद आंतरिक है .
जग के क्षणिक सुखों की क्या कामना करूं मैं ..

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