भजन
संकलित Updated: 15 April 2021 07:30 IST

भजन : जागो बंसीवारे ललना

भजन

मनवा मेरा कब से प्यासा   दुखियों के दुख दूर करे

जागो बंसीवारे ललना
जागो बंसीवारे ललना जागो मोरे प्यारे ..

रजनी बीती भोर भयो है घर घर खुले किवाड़े .
गोपी दही मथत सुनियत है कंगना की झनकारे ..

उठो लालजी भोर भयो है सुर नर ठाड़े द्वारे .
ग्वालबाल सब करत कोलाहल जय जय शब्द उचारे ..

माखन रोटी हाथ में लीजे गौअन के रखवारे .
मीरा के प्रभु गिरिधर नागर शरण आया को तारे ..

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