करुणा भरी पुकार सुन अब तो पधारो मोहना

कृष्ण तुम्हारे द्वार पर आया हूँ मैं अति दीन हूँ
करुणा भरी निगाह से अब तो पधारो मोहना

कानन कुण्डल शीश मुकुट गले बैजंती माल हो
सांवरी सूरत मोहिनी अब तो दिखा दो मोहना

पापी हूँ अभागी हूँ दरस का भिखारी हूँ
भवसागर से पार कर अब तो उबारो मोहना

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