भजन
संकलित Updated: 15 April 2021 07:30 IST

भजन : दर्शन दो घनश्याम नाथ मोरी अँखियाँ प्यासी रे

भजन

दरशन दीजो आय प्यारे   गौरीनंदन गजानना हे दुःखभंजन गजानना

दर्शन दो घनश्याम नाथ मोरी अँखियाँ प्यासी रे ॥

मंदिर मंदिर मूरत तेरी फिर भी न दीखे सूरत तेरी ।
युग बीते ना आई मिलन की पूरनमासी रे ॥
दर्शन दो घनश्याम नाथ मोरि अँखियाँ प्यासी रे ॥

द्वार दया का जब तू खोले पंचम सुर में गूंगा बोले ।
अंधा देखे लंगड़ा चल कर पँहुचे काशी रे ॥
दर्शन दो घनश्याम नाथ मोरि अँखियाँ प्यासी रे ॥

पानी पी कर प्यास बुझाऊँ नैनन को कैसे समजाऊँ ।
आँख मिचौली छोड़ो अब तो घट घट वासी रे ॥
दर्शन दो घनश्याम नाथ मोरि अँखियाँ प्यासी रे ॥

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