भजन
संकलित Updated: 15 April 2021 07:30 IST

भजन : तेरे दर को छोड़ के किस दर जाऊं मैं

भजन

तेरा रामजी करेंगे बेड़ा पार   तू ही बन जा मेरा मांझी

तेरे दर को छोड़ के किस दर जाऊं मैं ।

देख लिया जग सारा मैने तेरे जैसा मीत नहीं ।
तेरे जैसा प्रबल सहारा तेरे जैसी प्रीत नहीं ।
किन शब्दों में आपकी महिमा गाऊं मैं ॥

अपने पथ पर आप चलूं मैं मुझमे इतना ज्ञान नहीं ।
हूँ मति मंद नयन का अंधा भला बुरा पहचान नहीं ।
हाथ पकड़ कर ले चलो ठोकर खाऊं मैं ॥

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