श्लोक
संकलित Updated: 15 April 2021 07:30 IST

श्लोक : या देवी सर्वभूतेषु

श्लोक

गायत्री मंत्र   या कुन्देंदु तुषारहार

या देवी सर्वभुतेषू विष्णु मायेती शब्दिता

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः


या देवी सर्वभुतेषु चेतनेत्यभिधियते

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः


या देवी सर्वभुतेषु बुद्धिरुपेण संस्थिता

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः


या देवी सर्वभुतेषु निद्रारुपेण संस्थिता

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः


या देवी सर्वभुतेषु क्षुधारुपेण संस्थिता

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः

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