मराठी आरती संग्रह
संकलित Updated: 15 April 2021 07:30 IST

मराठी आरती संग्रह : देवीची आरती

मराठी आरती संग्रह

गणपतीची आरती   शंकराची आरती

दुर्गे दुर्घट भारी तुजविण संसारी |
अनाथनाथे अंबे करुणा विस्तारी |
वारी वारी जन्ममरणाते वारी |
हारी पडलों आतां संकट निवारी |
जय देवी जय देवी जय महिषासुरमर्दिनी |
सुरवरईश्वरवरदे तारक संजीवनी ||१||

त्रिभुवनीभुवनी पाहता तुजऐसी नाही |
चारी श्रमले परंतु न बोलवे काही |
साही विवाद करितां पडिले प्रवाही |
ते तूं भक्तालागी पावसी लवलाही |
जय देवी जय देवी जय महिषासुरमर्दिनी |
सुरवरईश्वरवरदे तारक संजीवनी ||२||

प्रसन्नवदने प्रसन्न होसी निजदासां |
क्लेशापासून सोडावी तोडी भवपाशा |
अंबे तुजवांचून कोण पुरवील आशा |
नरहरी तल्लीन झाला पद्पंकज लेशा |
जय देवी जय देवी जय महिषासुरमर्दिनी |
सुरवरईश्वरवरदे तारक संजीवनी ||३||

. . .