मराठी आरती संग्रह
संकलित Updated: 15 April 2021 07:30 IST

मराठी आरती संग्रह : मंत्र पुष्पांजलि

मराठी आरती संग्रह

घालीन लोटांगण  

ॐ यज्ञेन यज्ञमयजन्त देवास्तानि धर्माणि प्रथमान्यासान्।
ते ह नाकं महिमान: सचंत।
यत्र पुर्वे साध्या: संति देवा:।

ॐ राजाधिराजाय प्रसह्यसाहिने नमो वयं वैश्रवणाय कुर्महे।
स मे कामान् कामकामाय मह्यं कामेश्वरो वैश्रवणो ददातु।
कुबेराय वैश्रवणाय महाराजाय नम:।

ॐ स्वस्ति साम्राज्यं भौज्यं स्वाराज्यं वैराज्यं पारमेष्ठ्यं राज्यं
माहाराज्यमाधिपत्यमयं समंतपर्या ईस्यात सार्वभौम: सार्वायुष आंतादापरार्धात्।
पृथिव्यै समुद्रपर्यताया एकराळिती।

तदप्येषश्लोकोऽभिगीतो मरुत: परिवेष्टारो मरुत्तस्सावसन् गृहे।
आविक्षितस्य कामप्रेर्विश्वेदेवा: सभासद इति॥

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